भट्टे की ज़मीन से शुरू हुई सोच

भट्टे का काम समझकर।
आपके लिए बना।

भारत में हज़ारों ईंट-भट्टे आज भी रजिस्टर, पर्चियों और फ़ोन कॉल पर चलते हैं। मालिक को यह जानने के लिए कि कल क्या हुआ, कई लोगों को फ़ोन करना पड़ता है। अपनाभट्टा उसी रोज़ के काम — पथाई, भराई, जलाई, निकासी, मजदूरी, बिक्री और पैसा — को एक जगह लाता है, ताकि मालिक हर शाम पूरी तस्वीर देख सके।

हम भट्टा मालिकों, मुंशियों और जमादारों के साथ मिलकर बना रहे हैं। हर फ़ीचर इसी सवाल से शुरू होता है: क्या इससे भट्टे पर किसी का काम आसान होगा?

ईंटें व्यवस्थित करते हुए भट्टे की टीम